वैक्सीन ही नहीं, मास्क-सोशल डिस्टेंसिंग भी जरूरी: शोध

नई दिल्ली । शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अकेले केवल कोरोना वायरस वैक्सीन लगवाने से कोविड-19 के संक्रमण का खतरा खत्म नहीं हो जाएगा। ज्यादातर आबादी को कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद महामारी से जुड़े प्रतिबंधों को हटाने पर कोरोना वायरस का प्रसार बढ़ेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ नार्थ कैरोलिना के सहायम प्रफेसर मेहुल पटेल और उनके दल ने उत्तरी कैरोलिना में एक करोड़ लोगों में कोरोना वायरस के प्रसार को समझने के लिए गणित के मॉडल का इस्तेमाल किया।उन्होंने पाया कि वैक्सीन लगाए जाने के बाद भी कोरोना वायरस संक्रमण, अस्पतालों में भर्ती होना और मौतें बढ़ती रहेंगी अगर महामारी को लेकर बरती जा रही सतर्कता जैसे क्वारंटाइन, स्कूल बंद करना, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की अनिवार्यता में ढील दी गई।पटेल ने कहा, ‘हमारे शोध में पता चला है कि करीब 1 करोड़ की आबादी में और ज्यादा प्रभावी वैक्सीन के इस्तेमाल के बावजूद 18 लाख संक्रमण और 8 हजार मौतों को 11 महीने में रोका जा सकता है, अगर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की प्रक्रिया जारी रहती है।यह शोध ऐसे समय पर आया है जब पूरे विश्व में कोरोना के मामले बढ़कर 17.31 करोड़ हो गए हैं। इस महामारी से अब तक कुल 37.2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई हैं। ये आंकड़े जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय ने साझा किए। वर्तमान में पूरे विश्व में कोरोना के मामले और मरने वालों की संख्या क्रमश: 173,197,944 और 3,726,107 हैं। सीएसएसई के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा मामलों और मौतों की संख्या क्रमश: 33,362,471 और 597,627 के साथ अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना हुआ है। कोरोना संक्रमण के मामले में भारत 28,809,339 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है।सीएसएसई के आंकड़े के अनुसार, 30 लाख से ज्यादा मामलों वाले अन्य सबसे खराब देश ब्राजील (16,947,062), फ्रांस (5,774,361), तुर्की (5,287,980), रूस (5,067,246), यूके (4,532,802), इटली (4,232,428), अर्जेंटीना (3,955,439), जर्मनी (3,708,782), स्पेन (3,697,981) और कोलंबिया (3,571,067) हैं। मालूम हो ‎कि कोरोना वायरस महामारी को मात देने के लिए दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। भारत में भी वैक्सीन लगवाने का काम युदध स्तर पर जारी है।

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