बजट में रोजगार और आर्थिक समृद्धि को बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं।

भारत विकास परिषद प्रयाग शाखा की होटल प्रयाग इन में सामान्य बैठक संपन्न हुई जिसमें बजट 2025 पर परिचर्चा हुई। ईसीसी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉक्टर उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि बजट में उपभोग व्यय और पूंजीगत व्यय को बढ़ाने के उपायों के द्वारा रोजगार और आर्थिक समृद्ध को बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं, परंतु कर कटौती के द्वारा उपभोग बढ़ाने के प्रयास सरकार 2019–20से ही करती तो आज भारत की आर्थिक समृद्धि और बेहतर होती। प्रो सिंह ने कहा कि लघु, कुटीर व मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ-साथ कपड़ा और चमड़ा उद्योग जैसे श्रम प्रधान उद्योगों को बढ़ावा देकर तथा कृषि और सहायक उद्योगों पर अधिक ध्यान देकर सरकार ने रोजगार बढ़ाने के ठोस प्रयास किये हैं। शहर के कुशल सीए़ डॉ नवीन चंद्र अग्रवाल ने बजट 2025 के आयकर के प्रावधानों को विस्तृत और सरल ढंग से समझाते हुए कहा कि नई कर व्यवस्था में मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर करदाता को लगभग 120000 रुपए की बचत होगी जहां आय 24 लाख से अधिक है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि कर प्रक्रिया के संशोधनौ से सरलीकरण के बाद भी इसे समझना कठिन है। इसीलिए सरकार नए प्रत्यक्ष कर बिल 2025 को लेकर आई है जिसे संभवत अगले वित्त वर्ष से संसद से पास कर लागू हो जाएगा। सरकार का दृष्टिकोण पहले विश्वास तत्पश्चात जांच का है। अपडेटेड विवरण के माध्यम से चार वर्षो तक एमनेस्टी उपलब्ध हो गई है जहां कर का अधिक भुगतान करना पड़ेगा।इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ताआरपी अग्रवाल ने बजट पर अपनी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सामान्य रूप से बजट सबके लिए लाभकारी अवश्य दिखता है और यह विशेष रूप से मध्य वर्ग को सबसे अधिक लाभ पहुंचाने वाला है परंतु आम करदाताओं के लिए अभी भी बजट के बहुत सारे प्रावधान सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी है वास्तविक रूप से उन्हें लाभ बहुत कम मिलेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि बजट का अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव न दिखने का एक बड़ा कारण है कि सरकार ने मध्य वर्ग को बहुत देर से राहत पहुंचाई है और बचतों को बढ़ावा न देने के कारण अर्थव्यवस्था में पूंजी निर्माण नहीं हो रहा है, इसीलिए समृद्ध दर कम भी हो रही है। भारत विकास परिषद प्रयाग शाखा की अध्यक्ष डॉ श्रीमती अल्पना अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। वसंत ऋतु के आगमन पर महाकवि जयदेव के महाकाव्य गीत गोविंद की कुछ पंक्तियां सुनायी। गत सप्ताह में शिवाजी की जन्म तिथि थी उनके द्वारा नौसेना को बहुत मजबूत किया गया और एक हिंदू राजा के रूप में अपने पोरुष का परिचय दिया की भी चर्चा की। अभी नौसेना के ध्वज में उन्हें शामिल किया गया है। सभा में प्रांतीय पर्यवेक्षक श्रीमती अलका श्रीवास्तव की उपस्थिति में वर्ष 2025–26 के लिए दायित्वधारीयों के चुनाव का अनुसमर्थन किया गया। नामांकन समिति के संयोजक श्री आर पी अग्रवाल ने अध्यक्ष पद के लिए राज नारायण अग्रवाल, सचिव पद के लिए प्रोफेसर सुनील कांत मिश्रा तथा कोषाध्यक्ष के लिए डॉ पुरुषोत्तम दास के नाम की घोषणा की। इस अवसर पर सुनील धवन एवं श्रीमती अलका श्रीवास्तव को अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सचिव प्रो विवेक भदोरिया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ बृजेश कुमार ने किया। कार्यक्रम में राजीव महेश्वरी, डॉ दीपक अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, एडवोकेट टीपी शुक्ला, एडवोकेट अरुण त्रिपाठी, डा जगदीश्वर द्विवेदी, आलोक शाह, एडवोकेट प्रवीण कुमार, वीपी गुप्ता,अमिवर्ष सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर पुष्पांजलि से हुआ। तत्पश्चात वंदे मातरम एवं अंत में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया।