24 जनवरी, महाकुम्भ नगर। तीर्थराज प्रयागराज में महाकुम्भ 2025 का आयोजन दिव्य और भव्य तरीके से हो रहा है। देश भर से लाखों, करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने प्रयागराज आ रहे हैं। महाकुम्भ का सबसे बड़ा अमृत स्नान 29 जनवरी, मौनी अमावस्या कि तिथि पर किया जाएगा। इस दिन 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में स्नान करने का अनुमान है। मौनी अमावस्या के दिन महाकुम्भ में आने-जाने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के भीड़ प्रबंधन के लिए प्रयागराज रेल मण्डल ने स्पेशल प्लान बनाया है। इसके लिए रेलवे स्टेशन के बाहर खुसरो बाग में अतिरिक्त होल्डिंग एरिया और मॉब चैनलाइजेशन के लिए आरपीएफ और सिविल पुलिस ने मिलकर योजना तैयार कर ली है।-होल्डिंग एरिया में ठहर सकेंगे एक लाख से अधिक श्रद्धालु-महाकुम्भ 2025 के दिव्य और भव्य आयोजन को देखकर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज आ रहे हैं। मकर संक्रांति के पर्व के पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया। महाकुम्भ के सबसे बड़े पर्व मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ श्रद्धालुओं का त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन और रेलवे प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किये हैं। प्रयागराज रेल मण्डल के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि मौनी अमावस्या तिथि पर भीड़ प्रबंधन के लिए प्रयागराज रेलवे ने स्पेशल प्लान तैयार किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को मैनेज करने और उनके विश्राम के लिए स्टेशन परिसर से बाहर खुसरो बाग में होल्डिंग एरिया तैयार कर लिया गया है। जिसमें 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को एक बार में ठहराया जा सकेगा।-स्टेशन परिसर के बाहर ही किया जाएगा मॉब चैनलाइजेशन-खुसरोबाग होल्डिंग एरिया के अतिरिक्त आरपीएफ और सिविल पुलिस ने मिलकर मौनी अमावस्या के दिन मॉब चैनलाइजेशन के लिए विशेष योजना बनाई है। सीनियर पीआरओ ने बताया कि मेले से लौटने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन परिसर में आने से पहले रूट डायवर्ट करके खुसरोबाग होल्डिंग एरिया में ठहराया जाएगा। यहां से यात्रियों को उनके गंतव्य स्टेशन की दिशावार रेलवे स्टेशन में बने कलर कोडेड आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाएगा। जहां से यात्रियों को कलर कोडेड टिकटों के माध्यम से उनके गंतव्य स्टेशन की ट्रेनों तक पहुंचाया जाएगा। ताकि बिना भगदड़ और भ्रम के यात्रियों को सही ट्रेन से उनके गंतव्य स्टेशनों तक रवाना किया जा सके। स्टेशन परिसर के बाहर अतिरिक्त होल्डिंग एरिया निर्माण इसलिये ही किया गया है कि भीड़ के अतिरिक्त दबाव को स्टेशन परिसर के बाहर ही मैनेज किया जा सके।
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