उच्चतम कोटि की चिकित्सा पद्धति है योग

जौनपुर । पुलिस लाइन में चल रहे योग प्रशिक्षण शिविर में पुलिस विभाग पूर्णतः योगमय हो रहा है। जहां योगाभ्यास के द्वारा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सर्वाेत्तम होता है वहीं रंगरुटों की कार्यकुशलता में भी निखार आता है। पतंजलि योग समिति के प्रान्तीय सह प्रभारी अचल हरीमूर्ति के द्वारा योग का प्रशिक्षण देते हुए बताया जा रहा है की योग उच्चतम कोटि की चिकित्सा पद्धति के साथ दिव्यता से परिपूर्ण साधना पद्धति है। नियमित और निरन्तर इनके अभ्यासों से पूरे शरीर में प्राणवायु के साथ रक्त का प्रवाह सुगमतापूर्वक होता रहता है जिसके कारण व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता और ऊर्जा स्तर में निरन्तर वृद्धि होती रहती है। युवा भारत के जिला प्रभारी डॉ हेमंत, डॉ ध्रुवराज और आयुर्वेदाचार्य विकास योगी के द्वारा विविध प्रकार के आसन और व्यायामों को कराते हुए आयुर्वेद में वर्णित जड़ीबूटियों की उपयोगिता को बताया गया। प्रशिक्षुओं को सूर्य नमस्कार और योगिंग जांगिड़ का अभ्यास कराते हुए हरीमूर्ति के द्वारा बताया गया की यह दोनों व्यायाम अलग अलग आसनों के समूहों को मिलाकर बना है जिसके अभ्यास से मोटापा, मधुमेह, लीवर और किडनी तो मजबूत होती ही है इसके साथ ही साथ शरीर के सभी तंत्रो पर इसका गहरा असर पड़ता है। प्रतिसार अधिकारी अनुपम सिंह, राम शर्मा, अंचित चैधरी ,शिव नारायण सिंह, अश्विनी सिंह, सिद्धेश्वर सिंह और शशिभूषण सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।