खांसी, बुखार और सिरदर्द में शतावरी से मिलता है आराम

शतावरी एक सुपर फूड के तौर पर खा सकते हैं। चमकदार और हरे रंग की शतावरी एक बेहतरीन सब्‍जी है। इसमें विटामिन और खनिज जैसे विटामिन ए, सी, ई, के, और बी 6, साथ ही फोलेट, लौह, तांबा, कैल्शियम, प्रोटीन, और फाइबर से भरा होता है। पोषक तत्‍वों से भरी शतावरी में कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ छिपे हैं।आमतौर शतावरी भुना हुआ, ग्रील्ड, जैतून का तेल में पास्‍ता के साथ एक आहार के तौर खाया जा सकता है। चेरी टमाटर और ग्रील्ड झींगा के साथ भी इसे खाया जाता है। औषधी के तौर पर लोग इसका सेवन चूर्ण के रूप में करते हैं। आज हम आपको 7 ऐसी वजह बताएंगे जिसके लिए आप शतावरी का सेवन जरूर करेंगे।खांसी अडूसे का रस, शतावरी का रस और मिश्री मिलाकर चाटने या तीनों को मिलाकर चूर्ण बनाकर खाने से खांसी समाप्‍त हो जाती है। सूखी खांसी के लिए यह बहुत फायदेमंद है। कफ में खून आने की बीमारी में भी शतावरी खाने से लाभ होता है।अनिद्रा अनिद्रा के शिकार लोगों के लिए शतावरी बहुत ही फायदेमंद है। शतावरी का पांच से दस ग्राम चूर्ण, 10-15 ग्राम घी तथा दूध में डालकर नींद न आने की समस्‍या समाप्‍त हो जाएगी।बुखार ज्वर होने पर शतावरी और गिलोय का रस गुड़ में मिलाकर लेने से फायदा होता है। शतावरी से सामान्‍य और तेज दोनों प्रकार के बुखार में फायदा होता है।
सिरदर्द
माइग्रेन जैसे सिरदर्द के लिए शतावरी बहुत कारगर औषधि है। शतावरी को कूट कर रस निकाल लीजिए। बराबर हिस्‍सों में शतावरी का रस और तिल का तेल मिलाकर सिर पर मालिश करने से सिरदर्द होना बंद हो जाता है। इससे आधाशीशी रोग में आराम मिलता है।
गीली शतावरी पीसकर दूध में मिला लीजिए, फिर कपड़े से छान कर या रस में घी मिलाकर पका लीजिए। खूनी दस्‍त आने पर इसका इस्‍तेमाल कीजिए, आराम मिलेगा।
शक्तिवर्द्धक
शतावरी के चूर्ण को दूध में डाल कर बनाई खीर या पाक बना कर खाने से पुरूषों में यौन शक्ति बढ़ती है।
शतावरी में एंटी-ऑक्‍सीडेंट होता है, जो कि कैंसररोधी है। इसके अलावा शतावरी में विटामिन ए, बी, सी, पोटैशियम और जिंक पाया जाता है। इसमें हिस्‍टोन नामक प्रोटीन पाया जाता है जो कि कैंसर के उपचार में योगदान देते हैं।
शतावरी का प्रयोग
शतावरी बहुत ही फायदेमंद पौधा है। इसे सामान्‍य दिनों में भी प्रयोग करने से कई प्रकार के सामान्‍य रोग भी नही होते हैं। सामान्‍य दिनों में प्रयोग करने के लिए, 4-5 मिनट पानी में उबालकर मिक्‍सर से फेंट दीजिए। इसे फ्रिज में रखिए और दो-दो चम्‍मच सुबह शाम प्रयोग कीजिए।

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