नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2026: बेंगलुरु में आयोजित प्लम्बेक्स इंडिया 2026 (Plumbex India 2026) का मुख्य केंद्र बिंदु ‘जल प्रबंधन’ (Water Management) और शहरी जल सुरक्षा रहा। यह आयोजन 16 से 18 अप्रैल 2026 तक बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जिबिशन सेंटर (BIEC) में संपन्न हुआ, जिसमें जल स्थिरता और टिकाऊ बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया । जिसमें 15000 से अधिक आगंतुक, 180 प्रदर्शक तथा अमेरिका, जर्मनी, इटली, स्पेन, डेनमार्क, फ्रांस, इज़राइल, जापान, ताइवान और चीन जैसे देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
कार्यक्रम को भारत सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों—आवास और शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालऔर कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत मिशन) का समर्थन प्राप्त हुआ, जो नीति और उद्योग के बीच बढ़ते समन्वय को दर्शाता है.

आईपीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरमीत सिंह अरोड़ा ने कहा, “प्लंबेक्सइंडिया 2026 ने एक बार फिर भारत की प्रमुख जल चुनौतियों से निपटने में सहयोग की शक्ति को प्रदर्शित किया है. यहां हुई चर्चाएं, नवाचार और साझेदारियां सरकार, उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो मजबूत, कुशल और सतत जल प्रणालियों के निर्माण के लिए आवश्यक हैं. जैसे-जैसे भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है, प्लंबेक्सइंडिया जैसे मंच विचारों को जमीनी स्तर पर लागू करने योग्य समाधानों में बदलने में महत्वपूर्ण हैं.”
आईपीए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्र शेखर गुप्ता ने कहा, “इस वर्ष के प्लंबेक्सइंडिया ने इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, नीति दिशा और जमीनी क्रियान्वयन के एकीकरण के महत्व को और मजबूत किया है. मजबूत भागीदारी और सीएएचओ के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर जल और स्वच्छता मानकों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, विशेषकर स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में.”
इस आयोजन का एक प्रमुख परिणाम आईपीए और मान्यता प्राप्त *स्वास्थ्य संगठनों का कंसोर्टियम सीएएचओ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर रहा, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य अवसंरचना में जल, स्वच्छता और प्लंबिंग मानकों को मजबूत करना है.
कार्यक्रम में शहरी जल प्रबंधन, भूजल स्थिरता, इंजीनियरिंग आधारित अवसंरचना समाधान और डिजाइन आधारित नवाचार जैसे विषयों पर उच्च स्तरीय चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया. मुख्य पहलों में आईपीए बाथरूम चैलेंज, आईएपीएमओ और आईडब्ल्यूएसएच द्वारा समर्थित एक लाइव तकनीकी प्रतियोगिता, तथा “अराउंड द ड्रॉप” शामिल थे, जो एथोस एम्पावर्स के सहयोग से एक वास्तुशिल्प छात्र केंद्रित डिजाइन मंच है.
कार्यक्रम में इक्कीस उद्योग नेताओं को आईपीए अवॉर्ड्स ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से सम्मानित किया गया और “माय वाटर माय स्टोरी” पहल के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया, जो आईपीए वनीता (इंडियन प्लंबिंग एसोसिएशन की महिला शाखा) द्वारा संचालित है और जल संरक्षण में जमीनी स्तर के योगदान का सम्मान करती है. प्रतिभागियों में अन्विथा ए राष्ट्रीय विजेता के रूप में घोषणा हुई, जिन्होंने “माय वाटर माय स्टोरी” पहल में अपने उत्कृष्ट योगदान से विशेष पहचान बनाई. 2026 के परिणामों के आधार पर, प्लंबेक्सइंडिया का अगला संस्करण जल और स्वच्छता के क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और व्यावहारिक समाधानों के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करने की उम्मीद है.