
लखनऊ।उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते बाजार को देखते हुए श्रीराम ग्रुप की प्रमुख कंपनी और देश की सबसे बड़ी एनबीएफसी में से एक, श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड ने आज राज्य में अपनी उपस्थिति और मजबूत करने के लिए ‘फोकस यूपी’ रणनीति की घोषणा की। इस व्यापक योजना के तहत कंपनी दोपहिया, एमएसएमई, गोल्ड और कमर्शियल वाहन लोन में बड़ा विस्तार करेगी।श्रीराम फाइनेंस के संयुक्त प्रबंध निदेशक जी. एम. जिलानी ने कहा,‘उत्तर प्रदेश हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। इभ्२६ की पहली तिमाही में कमर्शियल वाहन और दोपहिया वाहन लोन में हुई जबरदस्त वृद्धि यह दिखाती है कि राज्य में क्रेडिट की मांग और आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। गोल्ड लोन में तीन गुना वृद्धि यह साबित करती है कि हमारे ब्रांच नेटवर्क पर ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है।’
कंपनी ने व्यक्तिगत आवागमन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष दोपहिया ऋण योजनाएं शुरू की हैं। इनमें ट्रिपल ज़ीरो स्कीम (कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं, कोई दस्तावेज़ शुल्क नहीं और ज़ीरो अग्रिम ईएमआई), लो ईएमआई स्कीम (१,९९९ से मासिक किस्तें), १००प्रतिशत एलटीवी स्कीम (ऑन-रोड कीमत तक का ऋण), कम ब्याज दर स्कीम (७.९९प्रतिशत से शुरू) और ६० महीने तक की लचीली पुनर्भुगतान सुविधा शामिल हैं।राज्य की उद्यमशीलता क्षमता को पहचानते हुए, कंपनी छोटे और सूक्ष्म उद्यमों के लिए अपने एमएसएमई ऋण पोर्टफोलियो को क्लस्टर आधारित रणनीति से मजबूत करेगी। प्रमुख फोकस सेक्टर होंगे – वस्त्र व हस्तशिल्प, चमड़ा उद्योग, कृषि प्रसंस्करण व पैकेजिंग, आईटी सेवाएं और सॉफ्टवेयर विकास।
कंपनी ने राज्य के तेजी से विकसित हो रहे सड़क इंप्रâास्ट्रक्चर को देखते हुए माइक्रो-ग्रिड रणनीति लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नए और पुराने दोनों तरह के कमर्शियल वाहनों के लिए लोन की उपलब्धता को और आसान बनाया जाएगा।
श्रीराम फाइनेंस की यह पहल वित्तीय समावेशन और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।