नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह ‘चुनावी बांड योजना’ की वैधता पर फैसले के लिए 31 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई शुरू करेगा और इसमें कोई बाधा आती है तो अगले दिन भी सुनवाई की जाएगी।मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ , न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने अंतिम सुनवाई की तारीख तय करने का फैसला किया।शीर्ष अदालत के समक्ष एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), डॉ.जया ठाकुर (कांग्रेस नेता), स्पंदन बिस्वाल और अन्य की ओर से केंद्र सरकार की चुनावी बांड योजना के खिलाफ दायर की गई थी।चुनावी बांड योजना राजनीतिक दलों के लिए धन जुटाने के प्रमुख स्रोतों में शामिल है।पीठ के समक्ष एनजीओ एडीआर के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि चुनावी बांड योजना को इस लिए चुनौती दी गई कि यह एक धन विधेयक में पारित किया गया था।इसके अलावा गुमनाम फंडिंग के प्रावधान के कारण यह योजना नागरिकों के सूचना के अधिकार का उल्लंघन करती है।इस योजना से राजनीतिक दलों को बड़ी मात्रा में धन उन कंपनियों से आता है, जिन्हें उनसे कुछ लाभ प्राप्त हुआ है। इस तरह यह भ्रष्टाचार को भी भी बढ़ावा देता है।
Share on Facebook
Follow on Facebook
Add to Google+
Connect on Linked in
Subscribe by Email
Print This Post