शिक्षा व्यवस्था को पूंजीपतियों के हांथों में सौपना चाहती सरकार: जगदीश

शिक्षा व्यवस्था को पूंजीपतियों के हांथों में सौपना चाहती सरकार: जगदीश

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडेय ने कहा कि मौजूदा सरकार शिक्षक हितों पर लगातार कुठाराघात कर रही है। प्रदेश की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था का निजीकरण करके सरकार शिक्षा व्यवस्था को अपने चंदादाताओं, पूंजीपतियों के हाथ सौंपना चाहती है।शुक्रवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट ने शादीपुर स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर वित्त विहीन शिक्षकों के साथ भेदभाव करने का जमकर आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा के एमएलसी पर वित्त विहीन शिक्षकों की उपेक्षा किये जाने पर शिक्षकों को केवल वोट बैंक समझने का आरोप लगाया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडेय ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है। विगत दो वर्षों से भाजपा के तीन एमएलसी ने वित्तविहीन शिक्षकों की सुधि तक नहीं ली है। सरकार ने वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के लाखों शिक्षकों का नाजायज फायदा उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वित्तविहीन शिक्षकों का वोट चाहती है तो तीन दिन के अंदर मंत्रिमंडल की बैठक कर वित्तविहीन विद्यालयों को अनुदान पर लेकर इनके शिक्षकों पर वेतन वितरण अधिनियम को लागू करे और पुरानी पेंशन योजना लागू कर उसका गजट प्रकाशित कर दे तो शिक्षक स्वयं भाजपा के प्रत्याशियों को वोट देगा लेकिन भाजपा चुनावी घोषणा कर रही है। घोषणा से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो संघ के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी को शिक्षक जिताने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो वेतन वितरण अधिनियम 1971 इंटर अधिनियम 1921 चयन बोर्ड अधिनियम 1982 तथा पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित कराने के लिए वह ईमानदारी से संघर्ष करेंगे। इस मौके पर हीरालाल गौड़, विरेश तोमर, पंकज त्रिपाठी, डॉ अजय पांडेय, आद्या प्रसाद मिश्रा, धनंजय सिंह आदि लोग मौजूद रहे।