
चित्रकूट। देवी भक्तों ने नम आंखों से मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। जिले के विभिन्न स्थानों पर गाजे-बाजे के साथ विदाई दी। पाण्डालों से हवन-पूजन के बाद नाचते-थिरकते जयकारे लगाते हुये विसर्जन स्थल तक पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। यातायात पुलिस ने मुख्य मार्ग बंद कर वाहनो को निर्धारित रास्ते से निकाला। इस बार कोरोना गाइड लाइन के अनुसार सीमित तादाद में ही लोग विसर्जन जुलूस में शामिल हुए।शारदीय नवरात्रि में नौ दिनों तक धूम रही। जगह-जगह कन्या भोज व भण्डारे के आयोजन हुये। लोगों ने बढ़चढ़ कर देवी मां के दर्शन किये। देवी भक्त देर रात तक मां अम्बे के दर्शन को घूमतेे रहे। सवेरे से प्रतिमाओं के विसर्जन को भक्त हवन-पूजन के बाद सुसज्जित झांकियों में देवी प्रतिमा रखकर गाजे-बाजे के साथ उठाया। जगह-जगह महिलाओं ने विदाई दौरान मां के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया और कल्याण की कामना की। युवाओं ने विभिन्न प्रकार के ढोल, बैण्डबाजों की धुन पर जमकर थिरकते हुये जय मां अम्बे के जयकारे लगाये जो आकर्षण का केन्द्र रहा। पटाखे व गुलाल उड़ाते हुये चल रहे थे। जगह-जगह देवी प्रतिमा रोककर नाचते-गाते व पूजन-अर्चन करते रहे। विसर्जन स्थल पर एक साथ देवी प्रतिमाओं का जत्था देखने को मिला। यहां बारी-बारी से विधिविधान से पंडितों ने पूजन कराया। इसके बाद भक्तों ने देवी प्रतिमाओं को निर्धारित स्थल व तालाबों में नम आंखों से विसर्जित किया। कोरोना गाइड लाइन का पालन हुआ।जिले के मऊ, बरगढ़, पहाडी, राजापुर, मानिकपुर, सीतापुर, मुख्यालय आदि ग्रामीण अचंलों में भी देवी भक्तों ने मां जगदम्बे की प्रतिमा उठाने के पूर्व विधिविधान से हवन पूजन किया। युवाओं ने विसर्जन स्थान पर अंतिम पूजा कर जयकारे लगाते हुये देवी प्रतिमओं को नम आंखों से विसर्जित किया। सुख समृद्धि की कामना की। यातायात पुलिस ने ट्राफिक चैराहे में बैरीकेटिंग लगाकर पुराने कोतवाली के पास वाहनों को निकालकर यातायात बहाल रखा। वहीं भीड़ अधिक होने पर वाहनों को रोका गया। इस दौरान अराजकतत्वों पर नजर रखने के लिये एसपी धवल जायसवाल के निर्देश पर पुलिस बल जगह-जगह तैनात रही। जिसके चलते किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हो सकी। विसर्जन को लेकर डीएम शुभ्रंात कुमार शुक्ल ने मजिस्ट्रेटों की तैनाती की थी। सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट तैनाती स्थल पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। देर शाम तक प्रतिमाओं का विसर्जन सिलसिला चलता रहा। विसर्जन के साथ ही शाम को मुख्यालय में सन्नाटा पसरा रहा।