शहीद डिप्टी कलेक्टर हिकमत उल्ला का मनाया बलिदान दिवस

फतेहपुर। 32 दिनों तक आजाद हुकूमत कायम करने वाले शहीद डिप्टी कलेक्टर हिकमत उल्ला खां का 165 वां बलिदान दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। उपस्थित लोगांे ने उनके व्यक्तित्व पर विस्तृत चर्चा कर रणबांकुरों व शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने की अपील की। तत्पश्चात शहीद स्थल कोतवाली गेट पहुंच डिप्टी कलेक्टर के लिए अल्लाह से दुआएं कीं। शहीद डिप्टी कलेक्टर हिकमत उल्ला सेवा संस्थान के बैनर तले बिंदकी बस स्टाप रोड स्थित डिप्टी कलेक्टर हिकमत उल्ला पार्क में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद के चेयरमैन राजकुमार मौर्य ने शिरकत की। अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष मुहीउद्दीन एडवोकेट ने की। गोष्ठी में मुहीउद्दीन एडवोकेट ने बताया कि जनपद के आजादी के इतिहास में डिप्टी कलेक्टर हिकमत उल्ला खागा के दरियाव सिंह व उनके पुत्र सुजान सिंह बिंदकी के जोधा सिंह अटैया व जमरावां के शिव दयाल सिंह रघुवंशी तथा कोराई के गयादीन दुबे की मुख्य भूमिका थी। आजादी के मतवालों के आहवान पर तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर हिकमत उल्ला साहब ने जेल का ताला खोल दिया और सारे कैदियों को आजाद कर दिया। 10 जून सन 1857 ई. को आजादी के मतवालों ने पूरे शहर पर कब्जा कर लिया। नाना साहब फतेहपुर के स्वतंत्र होने पर बहुत प्रभावित हुए। हिकमत उल्ला साहब को फतेहपुर का प्रशासक कलेक्टर (चकलेदार) नियुक्त किया। 12 जुलाई 1857 को मेजर हैवलाक व मेजर रेनाल्ड की संयुक्त सेनाओं ने घमासान युद्ध के बाद हसवां व बिलंदा के देशद्रोहियों की मुखबिरी पर हिकमत उल्ला साहब को गिरफ्तार कर लिया और बिना मुकदमा चले कोतवाली गेट फतेहपुर पर उनको फांदी दे दी गई। हिकमत उल्ला साहब ने 32 दिन की आजाद हुकूमत कायम की थी। इस मौके पर रहमान असलम ने युवा पीढ़ी का आहवान किया कि रणबांकुरों व शहीदों के बलिदान से सभी प्रेरणा लें। गोष्ठी के पश्चात सभी लोग शहीद स्थल कोतवाली गे पहुंचे। जहां शहीद हिकमत उल्ला साहब के लिए दुआएं की। इस मौके पर अजलाल फारूकी एडवोकेट, मो. आसिफ एडवोकेट, सैय्यद फैजान एडवोकेट, अमर सिंह एडवोकेट, राकेश एडवोकेट, प्रमोद एडवोकेट, एहसान एडवोकेट, अब्दुल सुहैल एडवोकेट, मौलाना अब्दुल मोईद, असलान जाफरी, फरजान उद्दीन, हेमंत एडवोकेट, आमिर एडवोकेट, जोऐफ, शिवम यादव एडवोकेट, जीशान एडवोकेट, चंद्रभवन एडवोकेट, दिनेश साहू एडवोकेट भी मौजूद रहे।