आत्मनिर्भर भारत : रेहड़ी पटरी दुकानदारों को बड़ी राहत




डॉ श्रीकांत श्रीवास्तव
(लेखक भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी है। लेख मे व्यक्त विचार उनके अपने निजी है।)

देश के रेहड़ी-पटरी दूकानदारों को एक बड़ी राहत देते हुए केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के ऑनलाइन डैशबोर्ड की शुरूआत की है। इससे जहां एक और रेहड़ी-पटरी दूकानदार योजना से जुड़ी जानकारी आसानी से घर बैठे हासिल कर सकेगे, वही दूसरी ओर उनसे जुड़ी समस्याओ का समाधान भी एक ही जगह से तलाशा जा सकेगा। तकनीकी के इस्तेमाल से देश के इस बड़े तबके को राहत देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।




मोदी सरकार की सबसे बड़ी विशेषता उसकी संवेदनशीलता रही है। सरकार ने पिछले छः वर्षो मे जो भी कार्यक्रम बनाए या जो भी योजनांए शुरू की, उनके केन्द्र बिन्दु मे आम आदमी रहा है। निश्चित रूप से वह समय महत्वपूर्ण होता है, जब कोई संवेदनशील सरकार होती है। कोविड-19 के प्रकोप ने जब पूरी दुनियां को हिला कर रख दिया भारत के सामने भी चुनौतियां आ खड़ी हुयी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को समय-समय पर सम्बोधित कर उनमे आशा का संचार किया और ऊर्जा भरी। उन्होने देशवासियों से चुनौती को अवसर में बदलने का आग्रह किया। सरकार ने 20 लाख करोड़ रूपए का राहत पैकज दिया। पैकेज में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया कि समाज के हर तबके को राहत मिले। समावेशी विकास ही टिकाऊ विकास साबित होता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववादी दर्शन पर चलते हुए सरकार ने राहत पैकेज में हर वर्ग का ध्यान रखा।

इसी राहत पैकेज से प्रधानमंत्री रेहड़ी-पटरी दूकानदार आत्मनिर्भर निधि-पीएम स्वनिधि योजना पहली जून 2020 को शुरू की गयी। पांच हजार करोड़ रूपए से शुरू इस योजना का मकसद कोविड-19 के कारण लॉक डाउन के दौरान कारोबार पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव से इन दूकानदारों को उबारना था। योजना का लाभ 50 लाख से ज्यादा रेहड़ी-पटरी दूकानदारों को मिलना शुरू हो गया है। योजना के तहत दूकानदार रूपए 10,000 तक के कार्यशील पूँजी के ऋण का फायदा ले सकेगे। इसकी अदायगी वे मासिक किस्तों के आधार पर एक साल में कर सकेगें । कर्ज की समय से अदायगी पर लाभार्थियों के खाते में 7 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी भी जमा की जायगी। यह मदद सीधे उनके खाते में दे दी जायगी। यह तिमाही आधार पर दी जायगी। अगर कोई रेहड़ी पटरी दूकानदार समय से पहले कर्ज अदा कर देता है, तो उस पर कोई जुर्माना नही लगेगा। इस योजना की एक खासियत और है। यह एक सौ रूपये के कैश बैंक प्रोत्साहन के माध्यम से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा भी देगी। समय पर अदायगी से कर्ज सीमा बढ़ाने की भी सुविधा होगी।




प्रधानमंत्री स्वनिधि पोर्टल पर 2 जुलाई 2020 से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। अब तक 7 लाख 15 हजार से अधिक आवेदन रेहड़ी पटरी दूकानदारों की ओर से मिले है। इनमे से एक लाख 70 हजार से ज्यादा की मंजूरी दी जा चुकी है। एक अनुमान के अनुसार देश में रेहड़ी पटरी दूकानदारों का एक दिन का कारोबार करीब 80 करोड़ रूपए है। इस कारोबार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें छोटे तबके के लोगो को भी रोजी रोटी कमाने का मौका मिलता है। कम पूॅजी में कारोबारी अपनी रोटी कमा लेता है। देश का एक बड़ा तबका रेहड़ी पटरी दूकानदारी के कारोबार मे लगा है। लाॅक डाउन के दौरान इन दूकानदारो को भारी नुकसान उठाना पड़ा, हालाकि इन्होने विषम परिस्थिति में भी घर-घर सामान पहुंचाया। जो दूकानदार सब्जी बेचने का व्यवसाय करते थे, उन्होने अपनी सेवा जारी रखी। वैसे भी रेहड़ी पटरी के दूकारदारों का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। एक दिन में 80 करोड़ रूपए का कारोबार कम नहीं होता। मार्च 2014 में सरकार रेहड़ी पटरी दुकानदारों के लिए कानून लायी । यह कानून पहली मई 2014 से लागू हुआ। इसमे टाउन वेंडर कमेटी-टीवीसी के गठन की बात की गयी जो नियमित रूप से इन दूकानदारों का सर्वे करेगी। एक दूकानदार को उसके निश्चित जोन में जगह दी जाएगी। 14 वर्ष के ऊपर के सभी रेहड़ी पटरी दूकानदार को प्रमाणपत्र दिया जायगा। नो वेडिंग जोन में सामान नहीं बेचे जायेगे और कोई जोन नो-वेंडिग जोन बनाया जाता है, तो उसमे समान नहीं बेचा जायगा। सभी दूकानदारो को यह शर्ते माननी होगी। विवाद के हल के लिए भी व्यवस्था की गयी। रेहड़ी पटरी दुकानदारों के नियमन का यह पहला प्रयास था। इस कानून का काफी फायदा मिला और इस तबके को राहत मिली।

अब तक अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गयी है, और सरकार ने अनलॉक-4 में कई नयी रियायते दे दी है। रेहड़ी पटरी दूकानदारों को फिर से रोजगार में लगाने की दिशा में भी एक स्वनिधि योजना काफी कारगर साबित हो रही है। सप्लाई चेन अब फिर से बनने लगी है। प्रधानमंत्री ने चुनौती की अवसर में बदलनें की जो बात कही थी, वह अब धरातल पर दिखने लगी है। उम्मीद है, आने वाले दिनों में व्यवसाय फलने फूलने लगेगा और पीएम स्वनिधि योजना का फायदा उठा कर रेहड़ी पटरी दूकानदार एक बार फिर मुख्यधारा में आ जाएगे।



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